!! नमामि गंगे तव पाद पंकजम !!
गंगा दशहरा 14 जून मंगल को
ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पुर्वान्ह व्यापिनी दशमी को पृथ्वी पर माँ गंगा का अवतरण हुआ था ! इसलिये पुर्वान्ह व्यापिनी दशमी को गंगा दशहरा मनाया जाता है !!
इस वर्ष ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि १४ और १५ जून दो दिन व्याप्त है तब गंगा दशहरा पर्व किस दिन मनाया जाए ??
स्कन्द पुराण के अनुसार > ज्येष्ठ मासि सिते पक्षे दशम्याम् बुध् हस्तयो: ! व्यतीपाते गरानन्दे कन्या चन्द्रे वृषे रवौ !!
अर्थात > ०१- ज्येष्ठ मास ०२- शुक्ल पक्ष ०३- दशमी तिथि ०४- बुधवार ०५- हस्त नक्षत्र ०६- व्यतिपात योग ०७- गर करण ०८- आनंद योग ०९- वृष राशि का सूर्य १०- कन्या राशि चन्द्रमा !! ये दस योग जिस दिन भी प्राप्त हो जाए उसी दिन गंगा दशहरा पर्व मनाया जाता है !!
किन्तु यदि ये दस के दस योग दोनों ही दिनों मैं प्राप्त ना हो तब ये पर्व किस दिन मनाया जाये ??
ऐसी स्थिति में धर्म सिंधु का स्पष्ट कथन है कि > यत्र बहूनां योगः सा ग्राह्या ! अर्थात स्कन्द पुराणोक्त दस योगो में से अधिकाधिक योग दोनों दिनों में से जिस दिन भी प्राप्त हो उसी दिन गंगा दशहरा मनाना चाहिए !
किन्तु अगर दोनों ही दिन बराबर योग प्राप्त हों तो किस दिन मनाया जाए ??
तब स्कन्द पुराण का कहना है कि > दशमी तु प्रकर्तव्या सदुर्गा द्विजसत्तम !! अर्थात दोनों ही दिन बराबर योग प्राप्त हों तो गंगा दशहरा का पर्व प्रथम [ पहले ] दिन ही मनाना चाहिए !!
इस वर्ष १४ जून २०१६ को स्कन्द पुराणोक्त दस योगो में से ०१- ज्येष्ठ मास ०२- शुक्ल पक्ष ०३- दशमी तिथि ०४- हस्त नक्षत्र ०५ - वृष राशि का सूर्य ०६ - कन्या राशि चन्द्रमा !! ये संयोग प्राप्त हैं !!
१५ जून को ०१- ज्येष्ठ मास ०२- शुक्ल पक्ष ०३- दशमी तिथि[तीन मुहूर्त से भी कम है] ०४- बुधवार ०५- गर करण ०६- कन्या राशि का चन्द्रमा [प्रातः केवल ०६-४७ तक ही उपलब्ध है ] !!
+ ध्यान दें कि ब्रह्म पुराण के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र का संयोग दस पापों को हरने वाला बताया है >>
ज्येष्ठ मासि सिते पक्षे दशमी हस्तसंयुता !हरते दश पापानि तस्माद दशहरा स्मृता !! [ ब्रह्म पुराण ]
+भविष्य पुराण के अनुसार तो ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को हस्त नक्षत्र मंगलवार का संयोग सभी पापों को हरने वाला बताया है >>
ज्येष्ठ शुक्ल दशम्यां तु भवेद भोम दिनम यदि ! ज्ञेया हस्तर्क्ष संयुक्ता सर्व पापहरा तिथि !![भविष्य पुराण ] :
>> स्पष्ट है कि ये हस्त नक्षत्र तथा मंगल वार दशमी तिथि के साथ केवल १४ जून को ही प्राप्त है!!
>> स्कन्द, ब्रह्म, भविष्य पुराणादि के वचनानुसार १४ जून २०१६ को ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि के साथ हस्त नक्षत्र , मंगलवार , कन्या राशि के चन्द्र , वृष राशि सूर्य का संयोग गंगा दशहरा पर्व को अति पुण्यदायी बना रहा है !!
>>इस दिन श्री गंगा का स्नान, पूजन, अन्न, वस्त्र आदि का दान, पितृ तर्पण, उपवास आदि किया जाए तो सभी प्रकार के पाप किंवा दस प्रकार के पाप [ तीन प्रकार के कायिक, चार प्रकार के वाचिक और तीन प्रकार के मानसिक पाप] दूर होते है
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<< श्रीमद्भागवत एवं श्रीराम कथा प्रवक्ता >>
****** आचार्यगुरु ललितानंद 'व्यास '********
वेद , कर्मकांड , ज्योतिष ,व्याकरणाचार्य [नरवर,नरोरा ]
तंत्र , मन्त्र , यंत्र , [ श्री काशी ],
रत्न , रुद्राक्ष , ज्योतिष , वास्तु [ जयपुर ] ,
संपादक - श्री वैदिक पञ्चाङ्गम [गृहस्थ जंत्री ] , श्री गुरु जी काल निर्णय ,
पूर्व प्रधान संपादक -श्री वागनाथ पञ्चाङ्गम ,
पूर्व प्रधानाचार्य - श्री विश्वनाथ ज्योतिष-वेद विद्यालय [हरिद्वार ]
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ज्योतिष [ जन्म पत्र निर्माण - फलादेश ], तंत्र - मन्त्र - यंत्र , वास्तु , [ गृह निर्माण एवं दोष निवारण ] , रत्न - रुद्राक्ष एवं पूजन , जप , हवन आदि कर्मकांड तथा अध्यात्म से सम्बंधित अन्य समस्याओं - शंकाओं के प्रामाणिक परामर्श एवं समाधान के लिए तथा गौशालाओं की सेवार्थ निःशुल्क श्रीमद भागवत एवं श्री राम कथा आदि ज्ञान यज्ञों के सफल आयोजन के लिए निःसंकोच संपर्क करें ।