Search This Blog
Wednesday, 7 February 2018
जो भी महानुभाव / आचार्य 13 या 14 फरवरी 2018 दोनो में से किसी भी एक तारीख को
ही श्रीमहा शिवरात्री पर्व पूरे भारत वर्ष में मनाने की सूचना प्रसारित कर रहे
हैं .. उनसे निवेदन है 13 या 14 फरवरी 2018 दोनो में से किसी भी एक तारीख को
ही श्रीमहा शिवरात्री पर्व पूरे भारत में मनाने के सम्बन्ध में शास्त्रीय प्रमाण प्रस्तुत करते हुए समाज को दिग्दर्शन कराएं |
सनातन धर्म - राष्ट्र - संस्कृति की सेवा में समर्पित वैदिक साधना पीठ के आचार्यगुरु ललितानंद व्यास जी के अध्ययनानुसार श्रीमहा शिवरात्री का पर्व भारत में अलग - अलग स्थानो / नगरो में अलग - अलग दिन अर्थात कही 13 फरवरी मंगलवार को और कही 14 फरवरी बुधवार को मनाया जायेगा | इस भेद और अंतर का मूल कारण जानने के लिये तथा भारत वर्ष के किस भाग / नगर में किस दिन श्रीमहा शिवरात्री मनाई जानी चाहिए इसके स्पष्टीकरण के लिए नीचे दिये गये लेख को ध्यान से पढ़ने का कष्ट करें >>>
सनातन धर्म - राष्ट्र - संस्कृति की सेवा में समर्पित वैदिक साधना पीठ के आचार्यगुरु ललितानंद व्यास जी के अध्ययनानुसार श्रीमहा शिवरात्री का पर्व भारत में अलग - अलग स्थानो / नगरो में अलग - अलग दिन अर्थात कही 13 फरवरी मंगलवार को और कही 14 फरवरी बुधवार को मनाया जायेगा | इस भेद और अंतर का मूल कारण जानने के लिये तथा भारत वर्ष के किस भाग / नगर में किस दिन श्रीमहा शिवरात्री मनाई जानी चाहिए इसके स्पष्टीकरण के लिए नीचे दिये गये लेख को ध्यान से पढ़ने का कष्ट करें >>>
Saturday, 3 February 2018
शिवरात्रि कब मनाये 13 फरवरी या 14 फरवरी----
प्रत्येक स्थान के अक्षांश - रेखांश, सूर्योदय - सूर्यास्त, दिनमान अलग -अलग होने से प्रत्येक स्थान पर अर्द्ध रात्रि का समय अलग अलग होता है || जिन नगरों का रेखांश 80 अंश से काम है वहां महाशिव रात्रि 13 फरवरी को तथा जिन नगरों का रेखांश 80 अंश से ज्यादा है वहां महाशिव रात्रि 14 फरवरी को मनाया जाना ही शास्त्र सम्मत है ||
प्रत्येक स्थान के अक्षांश - रेखांश, सूर्योदय - सूर्यास्त, दिनमान अलग -अलग होने से प्रत्येक स्थान पर अर्द्ध रात्रि का समय अलग अलग होता है || जिन नगरों का रेखांश 80 अंश से काम है वहां महाशिव रात्रि 13 फरवरी को तथा जिन नगरों का रेखांश 80 अंश से ज्यादा है वहां महाशिव रात्रि 14 फरवरी को मनाया जाना ही शास्त्र सम्मत है ||
विशेष है शिवरात्रि इस वर्ष ------
निर्णय सिंधु में लिखा है -- इयं च रवि भौम सोमवारेषु शिव योगे चाति प्रशास्ता || अर्थात- यदि शिवरात्रि रविवार, भौमवार, सोमवार, और शिव योग में हो तो अति उत्तम मानी जाती है | कुंडली में मंगल अशुभ हो, मंगली योग हो, भूमि - वाहन - बुद्धि - माता - ह्रदय रोग आदि समस्या हो तो इस भौमवती महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पूजन अभिषेक कराना लाभप्रद रहेगा ||
Subscribe to:
Posts (Atom)